चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे माधव सिंह सोलंकी का निधन, पीएम ने जताया शोक

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नई दिल्लीः गुजरात के चार बार मुख्यमंत्री रहे माधव सिंह सोलंकी का 94 साल की उम्र में शनिवार को निधन हो गया। माधव सिंह सोलंकी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और भारत के पूर्व विदेश मंत्री रह चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माधव सिंह सोलंकी के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि माधव सिंह सोलंकी जी एक दुर्जेय नेता थे, जिन्होंने दशकों तक गुजरात की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाज के प्रति उनकी समृद्ध सेवा के लिए उन्हें याद किया जाएगा। उनके निधन से दुखी हूं। उनके पुत्र भरत सोलंकी से बात की और संवेदना व्यक्त की। ओम शांति।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके कहा कि राजनीति के अलावा माधव सिंह सोलंकी जी पढ़ना पसंद करते थे और संस्कृति में उनकी खासा दिलचस्पी थी। जब भी मैं उनसे मिलता या उनसे बात करता, हम किताबों के बारे में चर्चा करते और वे मुझे हाल ही में पढ़ी जाने वाली एक नई किताब के बारे में बताते। मैं हमेशा हमारे बीच हुई बात चीत को संजोता रहूंगा।

माधव सिंह सोलंकी पेशे से वकील थे। वह आनंद के नजदीक बोरसाड के क्षत्रिय थे। वह पहली बार 1977 में अल्पकाल के लिए मुख्यमंत्री बने। 1980 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को राज्य में जोरदार बहुमत मिला। 1981 में सोलंकी ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आरक्षण लागू किया। इसके विरोध में राज्य में हंगामा हुआ। कई मौतें भी हुईं।

आरक्षण लागू करने से पहले माधव सिंह सोलंकी KHAM (क्षत्रिय, हरिजन (दलित), आदिवासी और मुस्लिम) फार्मूला लागू कर चुके थे। इसलिए उन्हें KHAM से जुड़ी जातियों का समर्थन मिला। लेकिन पटेल, ब्राह्मण, बनिया जैसी जातियों का विरोध झेलना पड़ा। राज्य में हिंसा के बाद सोलंकी ने 1985 में इस्तीफा दे दिया। लेकिन अगले विधानसभा चुनाव में KHAM फार्मूले के दम पर बंपर वोटों से चुनाव जीतकर आए।

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बता दें कि माधव सिंह सोलंकी चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह 1980 में पहली बार गुजरात की सत्ता में आए थे। वह 1973-1975-1982-1985 के वर्षों में गुजरात के सीएम बने। गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में से 149 जीतने का रिकॉर्ड बनाया।