Gwalior Fire News: मंजिला मकान में लगी आग, पिता और दो बेटियां जिंदा जलकर राख

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Gwalior Fire News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के बहोड़पुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कैलाशनगर में बुधवार की रात एक तीन मंजिला मकान में आग लग गई। ये हादसा इतना भयानक था कि मकान में रहने वाले एक युवक और उनकी दो बेटियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। साथ ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 13 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि, शॉर्ट सर्किट होने की वजह से आग लगी थी जिसमें 3 जानें चली गई।

आग ने धारण किया विकराल रूप 

बता दें, बहोड़ापुर थाना इलाके के कैलाशनगर में विजय उर्फ बंटी अग्रवाल का तीन मंजिला मकान है, जिसमें इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर ड्राय फ्रूट्स की दुकान ,दूसरी मंजिल पर गोदाम और तीसरी मंजिल पर वो परिवार के साथ रहते थे। मृतक की पत्नी राधिका, बेटे अंश के साथ ससुराल मुरैना गई हुई थीं। घर पर विजय, उनकी दो बेटियां ही थे। बुधवार की रात तीनों खाना खाकर सो गए, देर रात अचानक मकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और तेज लपटें उठने लगीं। मकान से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता नीचे से है। यहां आग फैली हुई थी। दूसरा रास्ता मकान के पिछले हिस्से से है, लेकिन वहां उन्होंने अलमारी रखी हुई थी, जिसकी वजह पिता और दोनों बेटियां आग में घिर गए और बाहर नहीं निकल सके।

कड़ी मशक्कत से पाया आग पर काबू 

मकान से तेज लपटें उठती देख पड़ोस के लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन स्थिति काबू में नहीं आई, क्योंकि आग बहुत ज्यादा फैल चुकी थी। इसके बाद SDRF और एयरफोर्स को भी मदद के लिए मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ की 13 सदस्यीय टीम ने दूसरी मंजिल की दीवार को मशीन से तोड़ा। यहां से विजय को निकाला गया। तीसरी मंजिल के दरवाजे को तोड़कर अलमारी को हटाया। यहां से दोनों बेटियों को निकाला गया। तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

 Gwalior Fire News: ASP ने दी मामले की जानकारी 

जानकारी देते हुए ASP अखिलेश रैनवाल ने बताया कि, कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पा लिया गया है। साथ ही मकान में फंसे तीन लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया, लेकिन जब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, पड़ोस में रहने वाले शैलू चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि, आग बहुत भीषण थी जिसकी वजह से बेटियां और विजय अंदर से बाहर ही नहीं आ सके।

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SDRF कमांडर ने दी जानकारी   

एसडीआरएफ के प्लाटून कमांडर प्रभारी गोविंद शर्मा ने बताया कि, हमें रात तीन बजे आग की सूचना मिली। हम लोग यहां मौके पर आए और दीवार तोड़कर विजय को बाहर निकाला। तीसरी मंजिल पर दरवाजा था, लेकिन अलमारी लगी होने से उसे भी तोड़ा गया। तीसरी मंजिल से दोनों बच्चियों को बाहर निकाला।

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