भारत में तेजी से बढ़ रहा शॉर्ट वीडियो ऐप, 4 साल में 65 करोड़ लोग…

बेंगलुरू: फेसबुक और गूगल के बाद, शॉर्ट-फॉर्म वीडियो ऐप भारत में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसकी रफ्तार यही रही तो यह ओटीटी प्लेटफॉर्म से भी आगे बढ़ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, शॉर्ट-फॉर्म सेगमेंट के मासिक सक्रिय यूजर्स के साल 2025 तक 65 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जो टेलीविजन के बाद दूसरे स्थान पर है। यह महत्वपूर्ण वृद्धि मोटे तौर पर नए 30 करोड़ इंटरनेट यूजर्स द्वारा संचालित होने की उम्मीद है जिन्हें साल 2025 तक जोड़ा जाएगा।

बेंगलुरू स्थित बाजार अनुसंधान की रिपोर्ट के अनुसार, देश में अगले 10 वर्षों में डिजिटल विज्ञापन बाजार 10 गुना तक बढ़ने की उम्मीद है और भारतीय शॉर्ट-फॉर्म प्लेटफॉर्म संभावित रूप से डिजिटल विज्ञापन बाजार हिस्सेदारी का 20 प्रतिशत तक ले सकते हैं। रेडसीर के एसोसिएट पार्टनर उज्जवल चौधरी ने कहा, हम भारत में डिजिटल विज्ञापनों की यात्रा के लिए एक मोड़ पर पहुंच रहे हैं। अगले दशक में बाजार तेजी से बढ़ने के लिए तैयार है और नए युग के कुछ कंटेंट प्लेटफॉर्म इस वृद्धि को पकड़ने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में हैं।

रेडसीर की एक पूर्व रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि मौज, जोस, मेएक्स टकाटाक और रोपोसो जैसे भारतीय लघु-वीडियो प्लेटफॉर्म अपने आक्रामक विपणन और उपयोगकर्ता अधिग्रहण के कारण टिकटॉक के 97 प्रतिशत उपयोगकर्ता आधार को वापस लाने में कामयाब रहे हैं। क्रिएटर एक्सपीरियंस के मामले में भारतीय शॉर्ट-ऑर्म ऐप्स आगे बढ़ गए हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट समग्र स्तर पर सबसे बड़ा विजेता रहा है और आने वाले वर्ष में ओटीटी वीडियो सामग्री से आगे निकलने की संभावना है। इनमें से अधिकांश प्लेटफार्मों ने कड़े सामग्री अनुपालन मानकों (95 प्रतिशत से अधिक) और मुद्रीकरण के अवसरों को सुनिश्चित किया है। जून 2020 में टिकटॉक पर बैन के बाद से भारतीय शॉर्टफॉर्म ऐप्स ने लंबा सफर तय किया है। हालाँकि, भारत अभी भी शॉर्ट-फॉर्म ऐप्स पर मुद्रीकरण के मामले में एक प्रारंभिक चरण में है, लेकिन जल्द ही अडॉप्ट करने में सफल होगा। जैसा कि रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।