लॉकडाउन में टमाटर बेच मालामाल हुए किसान, हो रही अच्छी आमदनी

लखनऊः राजधानी लखनऊ के निकट निगोहां में महिलाओं ने टमाटर की खेती की थी। यह टमाटर लॉकडाउन के दौरान खूब बिका। बाहर से आने वाला टमाटर लखनऊ तक नहीं पहुंच सका। इसका कारण था कि साधन सीमित मात्रा में चल सके। इससे इन महिलाओं को कमाई का अच्छा मौका मिल गया।

जब कोरोना महामारी विकराल हो रही थी, उस समय लोगों ने सूप का सेवन भी खूब किया। इसमें देसी टमाटर का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता हैं। निगोहां के ललितमऊ गांव में महिलाओं ने फरवरी में टमाटर की खेती शुरू की थी। यह पौधे मार्च में ही बड़े हो गए। खास बात यह रही कि यह पौधे अपने आप में काफी बड़े हैं। इनमें 12 महीने तक टमाटर का उत्पादन होता रहेगा। आज भी इनसे प्रति बीघा 20 किलो टमाटर निकल रहा है। इनमें ज्यादा सिंचाई भी नहीं करनी होती है। बशर्तें यह बड़े होने के कारण लकड़ियों का सहारा और गोबर की खाद मांगते हैं। किसानों को उम्मीद नहीं थी कि इन पौधों से इतनी मात्रा में टमाटर निकलेगा।

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शहर के करीब होने के कारण यहां के लोगों ने इसका लाभ भी काफी लिया। कोरोना महामारी के दौरान मई के पहले सप्ताह से ही बाहर का टमाटर लखनऊ आना बंद हो गया। ट्रांसपोर्ट में दिक्कत होने से यह समस्या हुई, जबकि निगोहां के किसानों ने साइकिल से भी इसकी सप्लाई कर दी। पहले तो इसकी कीमत 30 रूपये किलो थी, वर्तमान में 20 रूपये किलो बिक रहा है।