Exam Stress: परीक्षा के स्ट्रेस से दूर रहने में बच्चों की करें मदद, अपनायें ये टिप्स

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नई दिल्लीः कुछ ही दिनों में बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में बच्चों पर परीक्षा का दबाव स्वतः ही बढ़ने लगता है। घरवालों के बच्चों पर नंबर ज्यादा लाने और परीक्षा के समय कम होने के चलते बच्चे अनायास ही तनाव की तरफ बढ़ने लगते हैं। ज्यादा तनाव के चलते परिणाम यह होता है कि बच्चा पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाता। जिसका असर कहीं न कहीं उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है। ऐसे में परीक्षाओं के समय बच्चों के स्वास्थ्य का खास ध्यान देना चाहिए और उन्हें ऐसा घर में ऐसा वातावरण देना चाहिए जिससे वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सके और अपने करियर में आगे बढ़ सके। तो अगर आपका बच्चा भी इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाला है तो इन टिप्स के जरिए अपने बच्चे के मानसिक और शारीरिक हेल्थ का ख्याल रखें।

डाइट पर दें ध्यान
परीक्षा के दौरान बच्चे स्ट्रेस में रहते हैं। ऐसे में वह खाने-पीने का ध्यान नहीं रखते। ऐसा करने से वह कमजोर होने लगते हैं और एग्जाम के लिए बच्चों का कमजोर होना बिल्कुल भी उचित नहीं है। इसलिए बच्चों को इस दौरान पौष्टिक तत्वों से भरपूर भोजन खिलायें। साथ ही उन्होंने रोजाना दूध, ड्राई फ्रूट्स और मौसमी फल भी दें। इनसे बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा।

बच्चों से करें बात
परीक्षा की तैयारी के दौरान बीच-बीच में बच्चों से बात करते रहें और उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनें। कभी-कभी पेरेंट्स कामकाज के चलते बच्चों पर ध्यान ही नहीं दे पाते। ऐसे में लगातार अकेले ही तनाव में रह रहे बच्चे गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं। इसलिए बच्चों से बात जरूर करें और उनका मनोबल बढ़ाते रहें ताकि वह परीक्षा के स्ट्रेस से दूर रहें।

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बच्चों पर न बनाएं प्रेशर
परीक्षा के दौरान बच्चे अपने नंबर और भविष्य की चिंता को लेकर खुद ही तनाव से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में अभिभावकों को उन पर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन तब ही कर सकेगा जब उसे घर में हेल्दी वातावरण मिलेगा।

मेडिटेशन के लिए करें प्रेरित
परीक्षा के दौरान बच्चों में एकाग्रता का होना बेहद जरूरी है। इसलिए बच्चों को पढ़ाई के तनाव से दूर रखने के लिए मेडिटेशन के लिए प्रेरित करें। अभिभावक खुद भी बच्चों के साथ बैठ कर ध्यान करें। इससे बच्चे को संबल मिलेगा और उसका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा।

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