शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचारः कोर्ट की सख्ती के बाद हाजिर हुए शिक्षा सचिव मनीष जैन

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शिक्षा सचिव मनीष जैन ने कोर्ट में हाजिरी लगाई है। न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली की एकल पीठ में गुरुवार सुबह 10:30 बजे वह पहुंचे। न्यायाधीश ने उनसे स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अवैध तरीके से अतिरिक्त पद सृजित किए जाने को लेकर सवाल पूछा है। दोपहर 12 बजे खबर लिखे जाने तक मामले की सुनवाई चल रही थी।

दरअसल एसएससी के जरिए एक हजार से अधिक लोगों को गैरकानूनी तरीके से शिक्षक की नौकरी दी गई थी। इनमें से कई लोगों ने या तो परीक्षा नहीं दी थी या पास नहीं हुए थे। बावजूद इसके इन सबसे घूस लेकर बड़े पैमाने पर नौकरी दी गई थी। इन्हीं लोगों को दोबारा नौकरी पर रखने के लिए एसएससी की ओर से अतिरिक्त पद सृजित करने की निर्देशिका जारी की गई थी। इसी मामले में जज ने रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने पूछा है कि आखिर किसके कहने पर अयोग्य लोगों के लिए अतिरिक्त पद गैर-कानूनी तरीके से सृजित किए जा रहे हैं। एसएससी ने इस तरह का पद सृजित करने का अपना आवेदन भी वापस लेने की बात कही है जिसके बाद कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि एसएससी से यह सब कुछ दबाव में करवाया जा रहा है।

न्यायाधीश ने इस मामले में नए सिरे से सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि उन मास्टरमाइंड लोगों का पता लगाया जाए जो अयोग्य लोगों को नौकरी देने की जुगत लगा रहे हैं।

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