Lumpy Disease: जोधपुर में 822 गौवंशों की मौत, दुग्ध उत्पादन पर असर की संभावना

जोधपुर : प्रदेश में गोवंश में फैल रही लम्पी बीमारी (Lumpy disease) से रोजाना दर्जनों पशु दम तोड़ रहे हैं। संक्रमण पूरे जिले में फैलने के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है। जोधपुर संभाग में अब तक 822 गौवंश काल कल्वित हो चुके है। इनकी संख्या बढ़ने के भी आसार हैं। इधर, जिले के ग्रामीण इलाकों में हालत बदत्तर होती जा रही है। लोग बाग, घर, परिवार गांव छोड़ने को विवश हो रहे हैं। मृत पशुओं को डालने या दफनाने की समस्या भी पैदा होने लगी है। सड़ांध से लोगों का जीना भी मुश्किल हो रहा है। सबसे बड़ी समस्या कृषक वर्ग भुगत रहा है। आने वाले समय में दूध का संकट भी पैदा हो सकता है।

गांवों में जगह-जगह लम्पी बीमारी (Lumpy disease) से मृत गोवंश के ढेर देखकर वे भी दंग रह गए। जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने संक्रमित गोवंश के आंकड़े छिपाने व सही जानकारी नहीं देने पर पशुपालन विभाग के अफसरों को फटकार लगाई। कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने मथानिया व रामपुरा भाटियान गांवों की गोशालाओं का दौरा किया। उम्मेदनगर की श्रीराम गोशाला व रामपुरा भाटियान गौरी शंकर गोशाला पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

आइसोलेशन स्थापित करने के निर्देश:

जिला कलेक्टर ने बीमार गोवंश के लिए आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए। मथानिया सरपंच ओमप्रकाश सोलंकी, चौपासनी चारणान सरपंच प्रतिनिधि शांति रामकिशोर परिहार ने उन्हें बीमारी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर उपायों की चर्चा की।

2 दिन में 20 गायों की मौत:

लम्पी बीमारी (Lumpy disease) से जिले के बाप क्षेत्र में दो दिन में 20 गोवंश मारे गए हैं। सैकड़ों ग्रसित हैं। सरकार ने 4 डॉक्टर लगाए हैं। वहीं, पंचायत ने मृत पशुओं के निस्तारण के लिए जगह निर्धारित की है। सरपंच लीलादेवी पालीवाल, पूर्व उप प्रधान जगदीश पालीवाल, ग्राम विकास अधिकारी राकेश मीणा ने बताया कि मृत पशुओं को दफनाने के लिए जेसीबी उपलब्ध करवा दी गई है। पालीवाल ने बताया कि सीएमओ में बात करने के बाद सरकार ने 4 चिकित्सक लगाए हैं। वहीं, विकास अधिकारी प्रदीप छंगाणी ने ऋषि गोपाल गोशाला का निरीक्षण किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जोधपुर जिले में 11 हजार 855 गाय संक्रमित बताई जा रही हैं। इनमें 10 हजार से ज्यादा का इलाज चल रहा है। मौत के सरकारी आंकड़े महज 822 हैं।

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तिंवरी में पांच लाख की आबादी, मृत पशु दफनाने की जगह नहीं:

जोधपुर के तिंवरी पंचायत समिति में कुल 33 ग्राम पंचायत व 77 गांव हैं। यहां करीब 5 लाख की आबादी है, जिसमें अधिकांश किसान है। इनमें भी करीब 1 लाख किसान पशुपालक हैं। जोधपुर शहर से 40 किलोमीटर दूर तिंवरी पंचायत समिति के ग्राम पंचायत घेवड़ा, जेलू गगाडी, उम्मेद नगर, मथानिया, बालरवा, बिंजवाडियां, मालूंगन, चेराई, जुड़, रामपुरा चौपासनी आदि क्षेत्रों में सड़क किनारे और खुले खेतों में शवों को डंप किया जा रहा है।

साढ़े चार हजार पशुओं का सर्वे:

नोडल अधिकारी डॉ. गजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि ब्लॉक में 4377 पशुओं का सर्वे किया गया। इसमें 924 पशु लंपी स्किन डिसीज (Lumpy disease) से ग्रसित मिले। 341 बीमार पशुओं का उपचार किया गया। 161 पशु इस बीमारी से रिकवर हुए हैं। 41 बीमार पशु मरे हैं।

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