अचानक बुकिंग की कैंसिल तो देना पड़ेगा जुर्माना

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आईपीके, लखनऊः अब कैब चालकों ने अचानक बुकिंग रद्द की तो उन्हें जुर्माना देना पड़ेगा। अभी तक की व्यवस्था में बुकिंग निरस्त करने पर जुर्माने का खामियाजा सिर्फ बुकिंगकर्ता को ही उठाना पड़ता हैं, मगर नई व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए परिवहन विभाग के अधिकारी नई गाइडलाइंस तैयार कर रहे हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है जब इस तरह का नियम बन रहा है और कैब चालकों को भी जुर्माने के दायरे में रखा जा रहा है।

कैब चालक के अपनी ओर से बुकिंग निरस्त करने पर यात्रा का 10 प्रतिशत चार्ज जुर्माने के रूप में वहन करना पड़ेगा। यही नहीं, इस एक्ट में चालक के साथ राइडर्स भी शामिल किए गए हैं। बताते चलें कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने एग्रीगेटर्स के लिए नई गाइडलाइंस तैयार की है। यूपी परिवहन विभाग के अधिकारी इस गाइडलाइन का अध्ययन कर रहे हैं और इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी इस संबंध में अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अफसरों को सौंपेगी। इसके बाद नोटिफिकेशन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। सरकार की ओर से शासनादेश जारी होते ही एग्रीगेटर्स और ड्राइवर्स पर यह नियम लागू हो जाएगा। हालांकि विभागीय अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया में समय लगने की बात कह रहे हैं।

भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचते हैं कैब चालक

कैब चालक शहर के अंदर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाना पसंद नहीं करते हैं। ऐसे में इन इलाकों में जाने के लिए की जाने वाली बुकिंग को चालक अपनी तरफ से निरस्त कर देते हैं। राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां पर कैसरबाग समेत अन्य इलाकों में अमृत योजना के तहत सीवर डालने का काम जारी है। जिसके चलते कैसरबाग इलाका पूरी तरह से चोक है। यहां पर लगभग हर सड़क खुदी पड़ी है, जिससे आवागमन दूभर हो गया है। इसके चलते यहां के आस-पास के इलाकों में रहने वाले तमाम यात्री कैब की सुविधा से वंचित रह जाते हैं।

बुकिंगकर्ता पर ही लगता था जुर्माना

वर्तमान व्यवस्था में कैब या फिर बाइक टैक्सी बुक करने के बाद बुकिंग निरस्त करने पर जुर्माने का खामियाजा सिर्फ बुकिंगकर्ता को ही भुगतना पड़ता था। बुकिंगकर्ता से 40 से 50 रुपए तक का जुर्माना बुकिंग निरस्त करने के बदले कंपनियां वसूल करती थीं। वहीं बुकिंग के बाद भी चालक का उस जगह पर जाने का मन नहीं है तो वह बिना हिचक के बुकिंग निरस्त कर देता है। इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि इसके बदले चालकों से कोई जुर्माना नहीं वसूल किया जाता है। वहीं बुकिंगकर्ता को इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मगर अब बुकिंग निरस्त करने पर चालकों पर भी जुर्माना लगेगा। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने बीते 27 नवंबर को एग्रीगेटर्स के लिए जो नई गाइडलाइंस जारी की है, उसमें इसका भी प्रावधान किया गया है।

कंपनी भी करेगी भुगतान

गाइडलाइंस में यह साफ किया गया है कि बुकिंग निरस्त करने पर ही चालक से ही जुर्माना नहीं वसूल किया जाएगा, बल्कि संबंधित कंपनी भी जुर्माने का भुगतान करेगी। संबंधित कंपनी आधा जुर्माना वहन करेगी। बुकिंग निरस्त करने पर दिए जाने वाले 10 प्रतिशत जुर्माने का आधा हिस्सा कंपनी से लिया जाएगा। इससे कैब चालक मनमाने तरीके से बुकिंग निरस्त नहीं कर पाएंगे।

100 रुपए से अधिक नहीं लगेगा चार्ज

परिवहन विभाग की ओर से एग्रीगेटर्स के लिए जो गाइडलाइंस जारी हुई है, उसमें कैब चालक पर यात्रा की दूरी के कुल किराए का 10 प्रतिशत जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि यह जुर्माना 100 रुपए से अधिक का नहीं होगा। इससे चालक अपनी ओर से अचानक बुकिंग निरस्त करेंगे तो कम से कम 100 रुपए का जुर्माना देना पड़ेगा।

यात्री से करा रहे टैक्स का भुगतान

दो माह पूर्व छावनी परिषद से गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों पर भी टैक्स वसूलने का नियम लागू कर दिया गय। इसके लिए 30 रूपए टैक्स निर्धारित किया गया। नियम के तहत टैक्स का भुगतान कैब चालकों को करना चाहिए, मगर चालक इसका भुगतान यात्रियों से करा रहे हैं। छावनी परिषद के अर्जुनगंज मार्ग पर पड़ने वाले टोल प्लाजा पर रोजाना बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं। टोल से अगर गाड़ी खाली गुजरती है तो कोई टैक्स नहीं लिया जाता, मगर कैब में सवारी बैठी है तो 30 रूपए का भुगतान करना पड़ता है। कैब एसोसिएशन के पदाधिकारी आरके पांडेय ने बताया कि चालक यात्री से टैक्स का भुगतान करा रहा है तो यह गलत है।

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छावनी परिषद क्षेत्र से गुजरने वाले कैब चालक को ही टैक्स का भुगतान करना होता है। यात्रियों से टैक्स वसूल नहीं किया जा सकता। ऐप पर बुकिंग के समय छावनी परिषद क्षेत्र से आने पर ऑटोमैटिक चालक को 30 रुपये का भगुतान समय से कर दिया जाता है।