Yogi cabinet: लंबे समय से अटकी तबादला नीति समेत इन 41 प्रस्तावों पर लगी मुहर

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Yogi cabinet, लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक हुई। पेपरलेस मीटिंग के उद्देश्य और दिशा के साथ यूपी में पहली बार कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों को टैबलेट के साथ बुलाया गया। लोकभवन में हुई कैबिनेट मीटिंग में 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें लंबे समय से लंबित तबादला नीति को मंजूरी दी गई। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद योगी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को हुई।

लंबे समय से तैनात अफसरों का होगा तबादला

योगी सरकार की कैबिनेट नोटशीट की जगह नोट पैड के साथ हुई, यानी कागज की जगह पेपरलेस कैबिनेट मीटिंग हुई। बैठक में योगी सरकार ने प्रदेश की तरक्की और जनोपयोगी 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी। आचार संहिता लागू होने की वजह से कई महत्वपूर्ण योजनाएं रुकी हुई थीं। जिन्हें आज हुई कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी दे दी गई। अहम प्रस्तावों में योगी कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दी है। अब प्रदेश में 30 जून तक तबादले किए जाएंगे। ग्रुप ए, बी के सिर्फ 20 फीसदी अफसरों के ही तबादले किए जाएंगे। लंबे समय से तैनात अफसरों को ही हटाया जाएगा। कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों की जानकारी देते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि शुद्ध पेयजल को लेकर राज्य का प्रस्ताव पास हो गया है।

विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने की मंजूरी

वहीं बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, बांदा, हमीरपुर और मिर्जापुर, सोनभद्र जिलों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने की मंजूरी दी गई है। आने वाले दो महीने में इसका लाभ जनता को मिलने लगेगा। मंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के विकास को बढ़ावा देने और इसे हब बनाने के लिए मंजूरी दी है। इसमें निजी स्कूलों के साथ मंडल स्तर पर एक सरकारी स्कूल की स्थापना को मंजूरी दी गई। इस तरह प्रदेश के छह मंडलों में पहले चरण में सरकारी स्कूलों को विकसित कर शिक्षा का विस्तार कर बच्चों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाएगा।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि आज मंजूर किए गए प्रस्तावों में औद्योगिक विकास, आईटी, नगर विकास, गृह विभाग, पीडब्ल्यूडी, कृषि और चिकित्सा विभाग के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा डिफेंस कॉरिडोर नीति का प्रस्ताव, औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीतियों में बदलाव का प्रस्ताव आज की बैठक में पास किया गया है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि आज मंजूर हुए प्रस्तावों में नोएडा में 500 बेड का अस्पताल, आईआईटी कानपुर में 500 बेड का एमएमटी 750 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसे केंद्रीय बजट से स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के रूप में स्थापित किया जाएगा।

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आईआईटी कानपुर में मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए राज्य सरकार 50 करोड़ रुपये का योगदान देगी। लखीमपुर एयरपोर्ट के विस्तार को मंजूरी दी गई है। इसमें तीन गांवों की जमीन किसानों से ली जाएगी और इसका विस्तार कर 72 सीटर हवाई जहाज उतारने और उड़ान भरने लायक एयरपोर्ट बनाया जाएगा। राज्य सरकार के कर्मचारी 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए हैं। जिनकी ग्रेच्युटी एक जुलाई को लागू है, उन्हें लाभ दिया जाएगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सूर्य प्रताप शाही, ए.के. शर्मा, बेबी रानी मौर्य, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राकेश सचान, जयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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