गिद्धों के संरक्षण को गोरखपुर में बन रहा कंजरवेशन सेंटर, जल्द होगा लोकार्पण

गोरखपुर: देश के पहले लाल सिर वाले गिद्ध-राज गिद्ध (रेड हेडेड वल्चर) का ब्रीडिंग एंड कंजरवेशन सेंटर नए साल से शुरू होगा। निर्माण कार्य जोरों पर है। सेंटर के लिए नियुक्त चिकित्सक एवं जू-कीपर का प्रशिक्षण भी पूर्ण होने को है। पशु चिकित्सक डॉ दुर्गेश नंदन एवं जू-कीपर मनोज कुमार पटेल भोपाल में प्रशिक्षण ले रहे हैं। डीएफओ विकास यादव का कहना है कि उनकी पूरी कोशिश है कि दिसम्बर के आखिर या जनवरी के पहले हफ्ते में सेंटर का लोकार्पण हो जाए।

गोरखपुर वन प्रभाग के फरेंदा रेंज के भारीवैसी में 5 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र में रेड हेडेड व्लचर ब्रीडिंग एवं कंजरवेशन सेंटर का निर्मित हो रहा है। भोपाल के गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र केरवा में इस केंद्र के लिए नियुक्त पशु चिकित्सक दुर्गेश नंदन एवं जू कीपर मनोज कुमार पटेल प्रशिक्षण ले रहे हैं। 19 सितंबर से शुरू उनका प्रशिक्षण 25 सितंबर को पूर्ण हो जाएगा।

फेसबुक पर दोस्ती करते समय बरतें सावधानी, निजी जानकारी शेयर करने…

बॉम्बे नेचुरल हेरीटेज सोसाइटी (बीएनएचएस) के तकनीकी सहयोग से चरणबद्ध तरीके से पांच साल में जटायु संरक्षण व प्रजनन केन्द्र को विकसित किया जाएगा। इस ब्रीडिंग एंड कंजरवेशन सेंटर का शिलान्यास 7 अक्तूबर 2020 को राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह -2020 के समापन समारोह में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।

डॉ एच राजा मोहन ने निर्माण कार्य का लिया जाएजा –

शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ एच राजा मोहन एवं पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को निर्माणाधीन वल्चर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था एवं निर्माण कर रहे ठेकेदार को कार्यो को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। कहा कि निर्माण संबंधी दी गई सभी हिदायतों का गंभीरता से अनुपालन कराया जाए।

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)