रांची के युवक की कुवैत हादसे में मौत, शव भारत पहुंचा, सरकार ने दी आर्थिक मदद

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Kuwait Fire Incident: कुवैत अग्निकांड में जान गंवाने वाले रांची निवासी 25 वर्षीय अली हुसैन का पार्थिव शरीर लंबे इंतजार के बाद शनिवार की सुबह रांची पहुंचा। विमान से शव उतारकर जैसे ही एयरपोर्ट के बाहर लाया गया, वहां मौजूद उनके परिजनों के करुण क्रंदन से सभी की आंखें नम हो गईं।

पांच लाख रुपये का सौंपा चेक

एयरपोर्ट पर मौजूद रांची के उपायुक्त राहुल सिन्हा ने अली हुसैन के पिता मुबारक हुसैन को सरकार की ओर से सहायता के तौर पर उनके परिजनों को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। मौके पर श्रम विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। केंद्र सरकार ने भी सभी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। रांची के हिंदपीढ़ी निजाम नगर निवासी अली करीब 25 दिन पहले कुवैत गया था। वहां उसे सेल्समैन की नौकरी मिल गयी थी। नौकरी पाकर वह काफी खुश था। वह रोजाना अपने परिजनों से फोन पर बात करता था।

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बुधवार को जब अली ने फोन नहीं किया, तो परिजनों को चिंता हुई। इधर से भी फोन करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन कनेक्ट नहीं हुआ। गुरुवार दोपहर सऊदी में रहने वाले एक रिश्तेदार ने अली हुसैन की मौत की जानकारी दी। उनका अंतिम संस्कार डोरंडा स्थित कब्रिस्तान में किया जाएगा। उनके भाई आदिल हुसैन धार्मिक यात्रा के लिए मक्का गए थे और आज लौट रहे हैं।

परिजनों ने क्या कहा?

कुवैत हादसे में मारे गए 45 भारतीय कामगारों के शव शुक्रवार को वायुसेना के विशेष विमान से कोच्चि पहुंचे। झारखंड के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि रांची निवासी अली हुसैन की मौत की सूचना विदेश मंत्रालय से मिली थी।

इसके बाद से ही प्रवासी कक्ष उनके शव को रांची लाने के लिए उनके परिजनों के संपर्क में था। झारखंड के सीएम चंपई सोरेन ने कहा है कि कुवैत गए अली हुसैन की मौत की खबर दुखद है। दुख की इस घड़ी में सरकार उनके परिवार के साथ है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें दुख सहन करने की शक्ति मिले।

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