उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की स्थिति नियंत्रित, सतर्कता के लिए कमेटी गठित

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देहरादूनः उत्तराखंड की महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशुपालन, भेड़ एवं बकरी पालन, चारा एवं चारागाह विकास एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में बर्ड फ्लू की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। बर्ड फ्लू से डरने, घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क और जागरूक बनने की जरूरत है। फिलहाल राज्य में पोल्ट्री सेक्टर में बर्ड फ्लू नहीं पाया गया है। पोल्ट्री सेक्टर अभी अपने आप में पूर्णतया सुरक्षित है।

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रेखा आर्य ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में बर्ड फ्लू के हालात की समीक्षा करने के बाद बताया कि बर्ड फ्लू संक्रमण के नियंत्रण के लिए राज्यस्तरीय और जनपदस्तरीय समिति का गठन किया गया। राज्यस्तरीय समिति के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तराखंड शासन और जनपद स्तरीय समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे। बैठक में मंत्री को बताया गया कि पशुपालन विभाग पक्षियों की सैम्पलिंग लगातार कर रहा है। पोल्ट्री सेक्टर को पूरी तरह से निगरानी में रखा गया है तथा हाई अलर्ट जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की मुर्गियों, इत्यादि में किसी भी प्रकार की बीमारी अथवा संक्रमण होने पर नोटिस देकर उसे तुरन्त लैब में भेजने के साथ-साथ अन्य मुर्गियों से दूरी बनाने के कड़े निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

उत्तराखंड राज्य में जितने भी पोल्ट्री फार्म है, वहां पर किसी भी प्रकार का कोई संक्रमण नहीं है लेकिन गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल में यदि कोई नेचुरल डेथ हुई है तो उसकी सैम्पलिंग करते हुए बरेली भेजा गया है। फिलहाल उसकी रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। बर्ड फ्लू अभी जंगली पक्षियों में ही पाया गया है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में निर्देश दिया गया कि 14 जनवरी को पोल्ट्री सेक्टर के किसानों और वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ के साथ गोष्ठी का आयोजन किया जाए। जन जागरूकता के लिए एडवाइजरी, पंफलेट और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाए। ड्यूटी पर लगे कार्मिकों को पीपीई किट उपलब्ध कराई जाए। पीपीई किट के लिए शासन से आकस्मिक निधि में दस लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जाए।