सोना उगलने के साथ राजस्थान में राजस्व के नए द्वार खोलेगी भूकिया

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जयपुर: प्रदेश की पहली सोने की खदान न केवल सोना उगलेगी, बल्कि राजस्थान में औद्योगिक निवेश, रोजगार और राजस्व के नए द्वार भी खोलेगी। भूकिया-जगपुरा के खनन पट्टे की नीलामी से राज्य सरकार को नीलामी के साथ ही अग्रिम भुगतान के रूप में तीन किस्तों में 500 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जिसकी पहली किस्त 100 करोड़ रुपए के रूप में 15 दिन में प्राप्त होगी। खान सचिव आनंदी ने बताया कि इस सोने की खदान में खनन कार्य शुरू होने के बाद मोटे अनुमान के अनुसार अगले 50 वर्षों में राज्य सरकार को प्रीमियम, रॉयल्टी, डीएमएफटी, एनएमईटी आदि के रूप में 1 लाख करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

कई खनिजों की होगी माइनिंग

केवल सोने के खनन और प्रसंस्करण से ही राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। खान विभाग ने बांसवाड़ा के भूकिया जगपुरा और कांकरिया-गारा में प्रदेश की पहली सोने की खदानों के लिए 6 मार्च को ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। बोलीदाताओं ने 16 मई को खनन पट्टे तथा 17 मई को कम्पोजिट लाइसेंस के लिए बोली लगाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की पहली स्वर्ण खदान की सफल नीलामी में 65.30 प्रतिशत प्रीमियम प्राप्त हुआ है। खान सचिव आनंदी ने बताया कि इन स्वर्ण खदानों से सोने के साथ-साथ तांबा, कोबाल्ट, निकल आदि अन्य सह-खनिज भी प्राप्त होंगे।

इससे प्रदेश में आभूषण उद्योग के साथ-साथ एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरबैग सहित अनेक उद्योगों में नए निवेश के साथ-साथ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अभूतपूर्व अवसर विकसित होंगे। प्रदेश में सह-खनिजों से संबंधित उद्योगों में नए निवेश से राजस्व व प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर विकसित होंगे। आनंदी ने बताया कि भूकिया जगपुरा स्वर्ण खदान के खनन पट्टे के लिए आयोजित निविदा प्रक्रिया में तकनीकी रूप से पांच बोलीदाता वित्तीय निविदा में बोली लगाने में सफल रहे। इनमें रामगढ़ मिनरल्स एंड माइनिंग लिमिटेड कर्नाटक, हीराकुंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड अहमदाबाद, जिंदल पावर लिमिटेड छत्तीसगढ़, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड उदयपुर और सैयद ओवैसी अली रतलाम ने वित्तीय निविदा में भाग लिया।

विशाल भंडार का अनुमान

उन्होंने बताया कि सैयद ओवैसी अली रतलाम ने 65.30 प्रतिशत के उच्चतम प्रीमियम के साथ यह नीलामी जीती है। खान सचिव आनंदी ने बताया कि बांसवाड़ा के घाटोल तहसील के भुकिया-जगपुरा क्षेत्र में सोने के विशाल भंडार हैं। इस क्षेत्र में तांबे की खोज के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के भूवैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे अन्वेषण के दौरान पहली बार यहां सोने के अयस्क के संकेत मिले हैं। इस क्षेत्र में व्यापक अन्वेषण के बाद 940.26 हेक्टेयर क्षेत्र में 113.52 मिलियन टन सोने के अयस्क का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है, जिसमें सोने की धातु की मात्रा 222.39 टन आंकी गई है।

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यहां सोने के अयस्क के खनन के दौरान सह-खनिज भी निकाले जाएंगे। खान निदेशक भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि बांसवाड़ा घाटोल के कांकरिया-गारा में प्रारंभिक अन्वेषण के दौरान स्वर्ण अयस्क के संकेत मिलने के बाद यहां आगे अन्वेषण के लिए कंपोजिट लाइसेंस के लिए ई-नीलामी की गई है। कांकरिया-जारा में 205 हेक्टेयर क्षेत्र में 1.24 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क संभावित है। कांकरिया-जारा माइंस के लिए पांच प्रतिभागियों ने भी भाग लिया है, जिन पर आवश्यक परीक्षण के बाद अंतिम निर्णय लिया जाना है।

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