समाज की अमूल्य थाती हैं लोककला व परंपराएंः डॉ. भागवत

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करछनाः क्षेत्र के रामपुर स्थित बृजमंगल सिंह इंटर कॉलेज के परिसर में उद्यमिता प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में लोक कलाकार और कवियों ने खूब समां बांधा। अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य करुणाकांत तिवारी और संचालन कवि राजेंद्र शुक्ला ने किया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद लोकमंगल संस्थान के संरक्षक और जागृति मिशन के संयोजक डॉ. भागवत पांडे ने कहा कि लोककला, लोक परंपरा और हमारे संस्कार ही समाज की अमूल्य थाती हैं। आज के पेट प्रजनन और प्रदूषण के इस दौर में अपनी इस विरासत को संजोने और सहेजने वाले हमारे कवि, कलाकार, साहित्यकार और प्रबुद्धजन किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।

उन्होंने कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी कवियों कलाकारों और युवा समाजसेवियों को मंच पर सम्मानित करते हुए नए साल की शुभकामनाएं दी। उद्यमिता विभाग से जुड़े प्रशिक्षक अंबरीश शुक्ला ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षण शिविर में सीखे गए कार्यों को आगे बढ़ाने और घर ही पर रहकर आए कमाने के लिए प्रेरित किया।

इसके पूर्व मोहिनी श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत सरस्वती गीत के उपरांत रामबाबू यादव, त्रिभुवन नाथ गौड़,रणजीत सिंह मोनू मस्ताना, प्रकृति विश्वकर्मा सूर्य प्रताप तिवारीऔर बाल कलाकार अतुल मिश्रा द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों ने खूब समां बांधी। लोककवि रामलोचन सांवरिया, फतेह बहादुर सिंह ऋषिराज, अशोक बेशरम, डॉक्टर त्रिलोकी सिंह, वीरेंद्र कुसुमाकर, संतोष शुक्ल समर्थ ने भी प्रस्तुत कविताओं में नए साल की शुभकामनाएं देते हुए खूब तालियां बटोरी। समारोह के विशिष्ट अतिथि रहे गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सूर्यकांत त्रिपाठी ने संस्कृतभाषा की कविता प्रस्तुत कर जमुनापार के महत्व का बखान किया तो वहीं कार्यक्रम की प्रशंसा की।

प्रधानाचार्य मनीष तिवारी ने सभी अभ्यागतों, कवियों, कलाकारों और श्रोताओं के प्रति स्वागत आभार प्रकट किया। इस मौके पर लव कुमार पांडे, तीर्थराज पांण्डे योगेंद्र शुक्ला,दिनेश तिवारी राजित राम वर्मा, राम मनोहर लोहिया, भरत जी शुक्ला, वेद श्रीवास्तव,डॉ दिनेश सोनी, नारायण दत्त तिवारी, मोहन जी शुक्ला, प्रदीप पांण्डे, जितेंद्र कुमार सुनील प्रजापति,कमलाशंकर तिवारी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और लोग मौजूद रहे।