ओवैसी के ‘जय फिलिस्तीन’ नारे पर गरमाई सियासत, छिन सकती है सांसदी!

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नई दिल्ली: हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले AIMIM प्रमुख व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। मंगलवार को ओवैसी ने संसद में शपथ लेते हुए ‘जय फिलिस्तीन’ का नारा लगाया था, जिसके बाद से सियासत गरमा गई है। उनकी हर तरफ से आलोचना हो रही है। इतना ही नहीं उन्हें संसद से बाहर निकालने की मांग भी तेज हो गई। जबकि बीजेपी लगातार ओवैसी पर हमलावर है।

BJP ने ओवैसी पर जमकर साधा निशाना

बुधवार को सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कई सांसदों ने इस पर आपत्ति जताई और उनकी जमकर आलोचना की। साथ ही उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग की गई है और इसे लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखी गई है। वहीं भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा, “ओवैसी ने जिस तरह से संसद में शपथ ली है, उससे पूरे देश का अपमान हुआ है।

फिलिस्तीन जिंदाबाद कहना गलत है, इससे पूरे देश की बदनामी हुई है। उन्हें संसद से बाहर निकाल देना चाहिए। ओवैसी देश को सीरिया बनाना चाहते हैं। वह देश में गजवा-ए-हिंद की अवधारणा स्थापित करना चाहते हैं। इसलिए मैं बार-बार कहूंगा कि ओवैसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।” गिरिराज ने कहा ओवैसी ने इस तरह के नारे लगाकर संसद की गरिमा पर हमला किया है।

बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन ने ओवैसी के बयान पर कहा, “ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्हें संसद से बाहर निकाल देना चाहिए। ये लोग देश में रहने के लायक नहीं हैं, जो व्यक्ति देश की मिट्टी का अपमान करता है, उसे देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मैं तो कहूंगा कि ओवैसी जैसे लोगों पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। ऐसे लोग हमेशा देश के लिए घातक साबित होते हैं। उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।”

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छिन सकती है सांसदी

दरअसल संसद के दोनों सदनों में एक आचार समिति होती है। यह नेताओं के नैतिक आचरण पर नज़र रखती है। अगर समिति यह सिफारिश करती है कि कोई सदस्य सदन की गरिमा को भंग कर रहा है या सार्वजनिक जीवन में मर्यादा को तोड़ रहा है, तो चरम मामलों में उसकी सदस्यता जा सकती है। इसी आचार समिति की सिफारिश पर महुआ मोइत्रा की सदस्यता भी रद्द की गई थी।

ओवैसी ने अपने बयान पर दी सफाई

जब ओवैसी (Asaduddin Owaisi) से पूछा गया कि आपने जो नारा दिया उसका विरोध हो रहा है। इस पर ओवैसी ने जवाब दिया कि किसने क्या कहा और किसने क्या नहीं कहा, सब आपके सामने है। मैंने सिर्फ जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फिलिस्तीन… कहा और यह भी कहा कि सबने क्या कहा, सुनिए। ओवैसी ने कहा कि यह कैसा विरोध है, संविधान में प्रावधान बताएं।

गौरतलब है कि, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को संसद सदस्य के तौर पर शपथ लेने के बाद सदन में ‘जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना’ और अंत में ‘जय फिलिस्तीन’ का नारा लगाया। ओवैसी द्वारा सदन में दूसरे देश का नारा लगाने के बाद भाजपा सांसदों ने सदन के अंदर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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