कोर्ट में पेशी के दौरान CM अरविंद केजरीवाल की बिगड़ी तबीयत

37
arvind-kejriwal-bai

Arvind Kejriwal Sugar Level Dropped, नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejriwal) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद दिल्ली के सीएम केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। दौरान केजरीवाल की तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि केजरीवाल का शुगर लेवल डाउन हो था जिससे उन्हें अचानक घबराहट होने लगी। इसके बाद उन्हें कोर्ट रूम से बाहर दूसरे रूम में ले जाया गया है। जहां उन्हें चाय और बिस्किट दिए गए।

Kejriwal ने खराब सेहत का हवाला देते हुए मांगी था राहत

इससे पहले भी केजरीवाल ( Arvind Kejriwal) ने अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए कानूनी राहत मांगी थी। कुछ दिन पहले जमानत पर बाहर आए केजरीवाल ने अपने एक संबोधन में कहा था कि उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिस पर भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा था कि केजरीवाल बहाने बना रहे हैं। अगर उन्हें वाकई किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है, तो मेरे पास आएं, मैं उन्हें खुद अस्पताल ले जाऊंगा, और उनकी सभी मेडिकल जांच करवाऊंगा।

सीबीआई ने तिहाड़ जेल से किया गिरफ्तार

सीबीआई ने बुधवार सुबह उन्हें तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई। आम आदमी पार्टी ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। भाजपा ने कहा कि सीबीआई अपना काम कर रही है। कांग्रेस की शिकायत पर सीबीआई ने यह कार्रवाई की है।

ये भी पढ़ेंः- स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई MLC सीट पर BJP की जीत पक्की ! नामांकन शुरू

दरअसल, 2022 में कांग्रेस ने केजरीवाल के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके मद्देनजर अब मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सीबीआई केजरीवाल की न्यायिक हिरासत की मांग कर रही है। अगर पहले से ही ईडी की हिरासत में बंद केजरीवाल भी सीबीआई की हिरासत में चले जाते हैं तो निस्संदेह यह उनके लिए दोहरा झटका होगा।

सीएम केजरीवाल पर लगे ये आरोप

तिहाड़ जेल से गिरफ्तार होने के बाद सीबीआई ने केजरीवाल को राउज एवेन्यू के अमिताभ रावत की कोर्ट में पेश किया। केजरीवाल की गिरफ्तारी की मुख्य वजह यह है कि केजरीवाल उस कैबिनेट का हिस्सा थे जिसने शराब नीति को मंजूरी दी थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि रिश्वत लेने के बाद हितधारकों के हिसाब से शराब नीति में संशोधन किए गए, जिसमें केजरीवाल की अहम भूमिका थी। थोक विक्रेताओं का मुनाफा 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया।

वहीं, केजरीवाल के वकील विक्रम चौधरी ने सीबीआई के इस कदम का विरोध किया है। केजरीवाल के वकील का कहना है कि मेरे मुवक्किल को दोबारा गिरफ्तार करना अनुचित है, जो पहले से ही एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। मुझे मीडिया के जरिए अपने मुवक्किल की गिरफ्तारी के बारे में पता चला है। हम मांग करते हैं कि सीबीआई द्वारा दाखिल रिमांड कॉपी हमें भी सौंपी जाए।

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर(X) पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)