वहीं दो घंटे की बैठक के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि चर्चा पार्टी के लिए “आंतरिक” थी। हालांकि, तृणमूल सूत्रों के मुताबिक अभिषेक ने जिले के उन नेताओं को फटकार लगाई, जिनकी गतिविधियों की कई तरह की शिकायतें मिली हैं। तृणमूल के जिला सूत्रों ने कहा कि अभिषेक ने उन लोगों से कहा जो निजी हित की सोच कर तृणमूल में शामिल हो रहे हैं, वे ”दूसरा रास्ता” चुनें।
यह भी पढ़ें-मणिपुर के लोगों ने गृह राज्य में हिंसा के खिलाफ गुवाहाटी में किया विरोध प्रदर्शन
शुक्रवार को अभिषेक के मालदा दौरे का आखिरी दिन था। पहले यह सहमति बनी थी कि अभिषेक अपने जिले के दौरे के आखिरी दिन कालियाचक और वैष्णवनगर थाना क्षेत्रों में मार्च करेंगे। लेकिन अभिषेक ने अचानक उस कार्यक्रम को रद्द कर दिया और कहा कि वह जिले के सभी नेताओं से मिलना चाहते हैं। यह बैठक इंगलिशबाजार इलाके में तृणमूल के शिविर कार्यालय में सुस्तानी चौराहे पर हुई। इसमें तृणमूल जिला कमेटी, सभी शाखा संगठनों के अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, विधायकों और बूथ अध्यक्षों को शामिल होने का निर्देश दिया गया। बता दें कि बैठक बंद दरवाजों के पीछे शुरू हुई।
पार्टी सूत्रों ने बताया है कि जिले के कई नेताओं पर पैसा लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आरोप लगा है। इसके अलावा पार्टी के भीतर गुटबाजी की भी लगातार शिकायतें मिल रही थी। एक दिन पहले जब मुख्यमंत्री जिले में थे तब भी इस तरह की शिकायतें आई थी। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने यह फैसला लिया।
(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)