यूपी का एक ऐसा गांव जहां साल भर होती है फूलगोभी की खेती

लखनऊः राजधानी लखनऊ जिले के बक्शी का तालाब क्षेत्र में स्थित कोटवा एक ऐसा गांव है जहां फूलगोभी की खेती पूरे साल की जाती है। किसी जमाने में यहां पर राजाओं के महल हुआ करते थे, जिसके प्राचीन अवशेष आज भी वहां पाए जाते हैं। समय बीतने के साथ-साथ यहां के किसानों ने खेती करना प्रारंभ किया और लगभग 50 वर्षों से अधिक समय से इस गांव के किसान अपने खेतों में फूलगोभी की ही खेती करते हैं। सब्जी मंडियों में भी गोभी सबसे पहले इसी गांव की आती है। जब कहीं फूल गोभी की बात होती है तो सबसे पहले कोटवा गांव का नाम आता है। फूलगोभी के लिए कोटवा गांव को मॉडल गांव के रूप में जाना जाता है।

चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह बताते हैं कि बक्शी का तालाब के कोटवा गांव की मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। साथ ही में बरसात हो जाने के बाद यहां की मिट्टी में जलभराव बिल्कुल नहीं होता है। यहां की मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है, जिस कारण यहां की जमीन बहुत उपजाऊ है। डॉ. सिंह बताते हैं कि इसके अलावा यहां की मिट्टी में केंचुए बहुत अधिक संख्या में पाए जाते हैं जिस कारण से भी मिट्टी बहुत उपजाऊ है। यही कारण है कि यहां पर गोभी की खेती बहुत अच्छी होती है। प्रकृति ने इस गांव को जैविक खेती का उपहार दे रखा है। यहां के किसान इस समय फूलगोभी की अगेती किस्मों की नर्सरी डाल रहे हैं, जिसमें काशी कुमारी, पूसा दीपाली, समरर्किंग और पावस जैसी उन्नतशील प्रजातियों के बीज को नर्सरी में बोने का कार्य शुरू हो गया है।

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किसान में जून माह के अंतिम सप्ताह तक नर्सरी में बीज बो देते हैं और 15 जुलाई के बाद हर हालत में रोपण कर दिया जाता है। रोपण पूर्ण करने के बाद किसान अगस्त माह में मध्यम फूलगोभी की किस्मों की नर्सरी डालना आरंभ कर देते हैं। इसके पौधे सितंबर माह तक हर स्थिति में खेतों में रोप दिए जाते हैं। मध्यम किस्मों में इंप्रूव जापानी, पंजाब जायंट-26, पंजाब जायंट- 35, पंत सुभ्रा एवं सैरानो प्रजातियां हैं। उसके बाद पछेती किस्म की नर्सरी में अक्टूबर माह में बीज डालते हैं और रोपण नवंबर माह तक अवश्य पूर्ण कर लेते हैं। इस कारण से यहां वर्षभर फूलगोभी की पैदावार होती है। फूलगोभी की पछेती किस्मों में स्नोफॉल- 16, पूसा स्नोबाल के-एक, पूसा एवं स्नोबाल-दो आदि प्रजातियों उगाते हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि गर्मियों में मुख्य रूप से हैप्पी प्रजाति उगाई जाती है। फूलगोभी के लिए कोटवा गांव को मॉडल गांव के रूप पहचाना जाता है। जिस किसी को भी वर्ष भर फूलगोभी का स्वाद चखना हो तो वह सीधा इसी गांव में चला आए और जीभर कर गोभी का आनंद लें।

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