वायुसेना के बेड़े में शामिल हुआ पहला ट्विन सीटर तेजस लड़ाकू विमान, दुश्मन को देगा मुंहतोड़ जवाब

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नई दिल्लीः भारतीय वायुसेना को आज लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस का पहला ट्विन-सीटर ट्रेनर (tejas twin seater) विमान मिल गया। लड़ाकू विमान बनाने वाली भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बुधवार को बेंगलुरु में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी को सौंपा। दरअसल, एचएएल और भारतीय वायुसेना के बीच अनुबंध के हिस्से के रूप में कुल 10 ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान की आपूर्ति की जानी है, जिसमें से यह पहला है।

HAL ने बनाया पहला तेजस ट्रेनर

बता दें कि दो सीटों वाला तेजस विमान मुख्य रूप से प्रशिक्षण के लिए बनाया गया है। एक सीट पर प्रशिक्षु पायलट और दूसरी सीट पर प्रशिक्षक बैठेंगे। एचएएल ने कहा है कि तेजस का ट्विन सीटर वेरिएंट वायुसेना की सभी प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल युद्ध में भी किया जा सकता है। दरअसल, हल्के वजन वाले लड़ाकू विमान तेजस को HAL ने बनाया है। इस विमान में एक सीट होती है। लेकिन एचएएल ने इसका दो सीटों वाला संस्करण भी तैयार कर वायुसेना को सौंप दिया है।

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जानें तेजस LCA Mk-1A की खासियत

यह तेजस विमान का उन्नत संस्करण है। यह कई आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। अन्य विशेषताओं में रडार चेतावनी रिसीवर, आत्मरक्षा के लिए जैमर पॉड और बहुत कुछ शामिल हैं। यह विमान हवा से हवा, हवा से सतह पर हमला करने के लिए सबसे अचूक हथियार है। यह विमान वजन में भी हल्का है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ही बनाएगी।

यह अपनी श्रेणी में सबसे हल्का और सबसे छोटा बहुउद्देश्यीय सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। अपने छोटे आकार और डेल्टा विंग डिजाइन के कारण तेजस बेहद फुर्तीला है। गौरतलब है कि एचएएल को भारतीय वायुसेना से 18 ट्विन सीटर का ऑर्डर मिला है। इसमें से आठ को 2023-24 के दौरान वितरित करने की योजना है। शेष 10 का वितरण 2026-27 तक किया जाएगा।

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